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श्रीमद्भागवत – चौथा स्कंध – बीसवाँ अध्याय Shrimad Bhagwat – Canto Four – Chapter Twenty

श्रीमद्भागवत महापुराण: चतुर्थ स्कन्ध: विंश अध्यायः श्लोक 1-38 महाराज पृथु की यज्ञशाला में श्रीविष्णु भगवान् का प्रादुर्भाव श्रीमैत्रेय जी कहते हैं- विदुर जी! महाराज पृथु के निन्यानबे यज्ञों से यज्ञभोक्ता यज्ञेश्वर भगवान् विष्णु को भी ...
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भगवान कृष्ण के बारे में अनजाने तथ्य

उत्तर प्रदेश में कृष्ण या गोपाल गोविन्द इत्यादि नामो से जानते है।राजस्थान में श्रीनाथजी या ठाकुरजी के नाम से जानते है।महाराष्ट्र में बिट्ठल के नाम से भगवान् जाने जाते है।उड़ीसा में जगन्नाथ के नाम से ...
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श्रीमद्भागवत – चौथा स्कंध – उन्नीसवां अध्याय Shrimad Bhagwat – Canto Four – Chapter Nineteen

श्रीमद्भागवत महापुराण: चतुर्थ स्कन्ध: एकोनविंश अध्यायः श्लोक 1-42 महाराज पृथु के सौ अश्वमेध यज्ञ श्रीमैत्रेय जी कहते हैं- विदुर जी! महाराज मनु के ब्रह्मावर्त क्षेत्र में, जहाँ सरस्वती नदी पूर्वमुखी होकर बहती है, राजा पृथु ...
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महाराज प्रद्योत

भारत के कुरु वंशी महाराज प्रद्योत जिनका राज्यकाल (1367-1317 BC) अखंड भारतवर्ष के सम्राट थे राजधानी महिष्मति थे 1367 -1317 (ई पू) था इन्होंने असुरों पर आक्रमण किया था और मिश्र अरब देशो पर विजय ...
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श्रीमद्भागवत – चौथा स्कंध – अट्ठारहवां अध्याय Shrimad Bhagwat – Canto Four – Chapter Eighteen

श्रीमद्भागवत महापुराण: चतुर्थ स्कन्ध: अष्टादश अध्यायः श्लोक 1-32 पृथ्वी-दोहन श्रीमैत्रेय जी कहते हैं- विदुर जी! इस समय महाराज पृथु के होठ क्रोध से काँप रहे थे। उनकी इस प्रकार स्तुति कर पृथ्वी ने अपने हृदय ...
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श्रीमद्भागवत – चौथा स्कंध – सत्रहवाँ अध्याय Shrimad Bhagwat – Canto Four – Chapter Seventeen

श्रीमद्भागवत महापुराण: चतुर्थ स्कन्ध: सप्तदश अध्यायः श्लोक 1-36 महाराज पृथु का पृथ्वी पर कुपित होना और पृथ्वी के द्वारा उनकी स्तुति करना श्रीमैत्रेय जी कहते हैं- इस प्रकार जब वन्दीजन ने महराज पृथु के गुण ...
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श्रीमद्भागवत – चौथा स्कंध – सोलहवां अध्याय Shrimad Bhagwat – Canto Four – Chapter Sixteen

श्रीमद्भागवत महापुराण: चतुर्थ स्कन्ध: षोडश अध्यायः श्लोक 1-27 वन्दीजन द्वारा महाराज पृथु की स्तुति श्रीमैत्रेय जी कहते हैं- महाराज पृथु ने जब इस प्रकार कहा, तब उनके वचनामृत का आस्वादन करके सूत आदि गायक लोग ...
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