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श्री नरहरी सोनार की करधनी

नरहरी सोनार नामक महान विट्ठल भक्त का जन्म सं .१३१३ में भूवैकुंठ श्री पंढरपुर धाम में हुआ था। कुछ संतो का मत है कि इनका जन्म सवंत शके १११५ श्रावण मास शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को ...
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हनुमद रामायण

शास्त्रों के अनुसार सर्वप्रथम रामकथा हनुमानजी ने लिखी थी और वह भी एक शिला (चट्टान) पर अपने नाखूनों से लिखी थी। यह रामकथा वाल्मीकिजी की रामायण से भी पहले लिखी गई थी और यह ‘हनुमद ...
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यमराज,नचिकेता की कथा

यमराज,नचिकेता की कथा, कठोउपनिषद से कठोउपनिषद में नचिकेता को सबसे पहला साधक बताया गया है। नचिकेता मृत्यु का भेद जानने के लिए यम के द्वार तक पहुंच गया था। जानते हैं नचिकेता के प्रश्न और ...
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कामदा एकादशी व्रत कथा

युधिष्ठिर ने पूछा: वासुदेव ! आपको नमस्कार है ! कृपया आप यह बताइये कि चैत्र शुक्लपक्ष में किस नाम की एकादशी होती है? भगवान श्रीकृष्ण बोले: राजन् ! एकाग्रचित्त होकर यह पुरातन कथा सुनो, जिसे ...
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गंगावतरण और रामजन्म की कथा

राजासगर ने अश्वमेघ यज्ञ किया, यज्ञ का घोड़ा इन्द्र चुरा कर ले गये और कपिलदेव के आश्रम वो घोड़ा बाँध दिया और वहाँ से अंतर्धान हो गये, सगर के पुत्रों ने जमीन को इतना खोदा ...
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कक्षीवान एवं प्रियमेघ की कथा

एक प्रश्न जिसके उत्तर देने में ८ पीढ़ियाँ असफल रही - कक्षीवान एवं प्रियमेघ की कथा पौराणिक काल में एक विद्वान ऋषि कक्षीवान हुए जो हर प्रकार के शास्त्र और वेद में निपुर्ण थे। एक ...
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शबरी की नवधा-भक्ति

शबरी का वास्तविक नाम श्रमणा था। श्रमणा भील समुदाय की "शबरी" जाति से सम्बंधित थी। संभवतः इसी कारण श्रमणा को शबरी नाम दिया गया था। पौराणिक संदर्भों के अनुसार श्रमणा एक कुलीन ह्रदय की प्रभु ...
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